कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: मेरी ब्रिज भूमि की होली
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कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: मेरी ब्रिज भूमि की होली: जय श्री कृष्णा फिर से
दो दिन बचे है होली के फिर वही जाना है श्री कृष्ण के दरबार मे मा को फिर फोन
पे दी...
9 घंटे पहले


सुंदर हैं, नयनाभिराम हैं!
प्रत्युत्तर देंहटाएंख़ुशियों की बातें तमाम हैं!
सुंदर हैं!
प्रत्युत्तर देंहटाएंनयनाभिराम हैं!
ख़ुशियों की बातें तमाम हैं!
BAHUT ICCHA THI JANE KI, BUT CANT GO, NOW I CAN SEE FROM YOUR CAMERA EYE, DONT HAVE SOME MORE PICTURES
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