शनिवार, 17 जनवरी 2009

नववर्ष की विलंबित शुभकामना

लोग कहते हैं

"नया वर्ष आया है"

जबकि

प्राकृतिक सौंदर्य से मुखरित

वर्ष प्रतिपदा अभी दूर है

पर डायरी, कलेंडर मैने भी बदले हैं

बधाइयां ली हैं, दी हैं।

और अब

२००८ नहीं २००९ ही तो लिखना है

कैसे कह दूँ कि नववर्ष नहीं आया है?

 

सोचता हूँ

अपना कहो या पराया

नववर्ष शुभ हो

मिलते रहें समाचार

सुख, सौभाग्य और समृद्धि के

शांति औ सद्भाव के

हर्ष औ उल्लास के

सभी मित्रों से, स्वजनों से

देश से, विदेश से

जानों से, अनजानों से,

अब से लेकर

वर्ष प्रतिपदा तक

और फिर तब से वर्ष भर!

 

- सुशान्त सिंहल

 

Sushant K. Singhal

website : www.sushantsinghal.com

Blog : www.sushantsinghal.blogspot.com

email : info@sushantsinghal.com

              singhal.sushant@gmail.com

 

2 टिप्‍पणियां:

  1. बस, यही तो चाहिये. आपके लिए भी नववर्ष की मंगलकामनाऐं.

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  2. आपसे पूरी तरह सहमत हूं।
    पर चलना ही पड़ रहा है दुनिया के साथ।

    उत्तर देंहटाएं

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