गुरुवार, 5 मार्च 2009

फोटोग्राफी क्लासरूम - चार एक्सपोज़र मोड (Learn Photography - The Four Exposure Modes on Camera)

अब आपको ये तो स्पष्ट हो ही चुका होगा कि फिल्म / सी.सी.डी. को कितना एक्सपोज़र मिलेगा यह चार तत्वों पर निर्भर करता है। ये चार तत्व हैं:

  - प्रकाश कितना है? How much is the intensity of light ? (धूप है या छाया है? / बल्ब १०० वाट का है या १००० वाट का?) 

 एपर्चर कितना खोला गया है?  What is the aperture setting ?  (लेंस का एपर्चर जितना अधिक खुला होगा उतना ही अधिक प्रकाश फिल्म पर पहुंचेगा। )

 शटर स्पीड कितनी रखी गयी है? What shutter speed has been chosen ? (जितने अधिक समय तक शटर खुला रहेगा, फिल्म पर उतना ही अधिक प्रकाश पहुंचेगा।)

 फिल्म कितने ASA की है?  What is the ASA/ ISO rating of the film?   (जितनी फास्ट फिल्म होगी, उतनी ही जल्दी एक्सपोज़ होगी।)

 अब कल्पना करें कि:

             आप दिन में ताजमहल की फोटो खींचना चाहते हैं।  इसका मतलब प्रकाश तो जितना है सो हैआप शाम होने की या सूर्य के आगे बादल आने की प्रतीक्षा करें तो बात अलग है अन्यथा हम प्रकाश की मात्रा को अपरिवर्तनीय मान कर चल सकते हैं।

             आपने कैमरे में 100 ASA  की फिल्म डाली हुई है।  अब फिल्म भी जो है सो है - यह भी अपरिवर्तनीय मान लें।  (मानता हूं कि डिजिटल कैमरे में आप ASA रेटिंग कम ज्यादा कर सकते हैं - कल ही तो आपको बताया है, पर कुछ समय के लिये मान लीजिये कि ऐसा कुछ नहीं है)

             अब आपके पास दो फैक्टर बच गये - एपर्चर और शटर स्पीड aperture and shutter speed   अब सुनिये काम की बात।  जरा ध्यान से सुनियेगा !

            कैमरे में मुख्यतः चार प्रकार की सेटिंग्स हो सकती हैं  Cameras may have basically four types of exposure settings :-

             . मैनुअल MANUAL (This is shown as M ) (इसमें शटर स्पीड और एपर्चर - दोनो आप ही सेट करते हैं ।  यदि आपके कैमरे में इलेक्ट्रॉनिक एक्स्पोज़र मीटर exposure meter लगा हुआ हो तो भी, वह सिर्फ इंडिकेशन दे सकता है कि वर्तमान शटर/एपर्चर ठीक हैं या कम ज्यादा हैं परंतु कैमरा उनमे से किसी को भी स्वयं नहीं बदल सकता ।  Even if there is an exposure meter in your camera, in MANUAL mode,  camera can merely indicate whether the exposure is correct or not. 

             . एपर्चर को प्राथमिकता APERTURE PRIORITY (This is shown as A or Av - Aperture /  Aperture value - इस सेटिंग में आप एपर्चर स्वयं तय करेंगे और आप द्वारा तय की गई एपर्चर सेटिंग व उपलब्ध प्रकाश के हिसाब से शटर स्पीड कैमरा स्वयं तय करेगा। In Aperture Priority mode, the camera permits you to choose an aperture ( f stop) of your choice.  Depending upon the amount of light available, the camera will try to select the optimum shutter speed for you.)

             . शटर स्पीड को प्राथमिकता - SHUTTER PRIORITY (This is shown as S or Tv - Shutter /  Time value  इस सेटिंग पर आप अपने कैमरे में शटर स्पीड खुद सेट करते हैं ।  उसके बाद उपलब्ध प्रकाश के हिसाब से एपर्चर कितना खोला जाये, यह कैमरा खुद तय करता है। In SHUTTER PRIORITY mode, the camera permits you to choose a shutter speed (Time Value).  Depending upon the amount of light available, the camera will try to select the optimum aperture for you.)

             All the above three modes are also referred to as CREATIVE ZONE because these modes leave the expert photographers a choice to prove their creativity.

             . प्रोग्राम ऑटो या फुल ऑटो PROGRAMMED AUTO (Indicated as P ) or FULL AUTO (Indicated usually as a green or red coloured Camera icon) - इन सेटिंग्स पर कैमरा उपलब्ध प्रकाश के हिसाब से शटर व एपर्चर स्वयं ही तय करता है।  आज कल के हाई-फाई इलेक्टॉनिक कैमरों में इस ऑटो मोड में भी, और आगे बढ़ते हुएढेरों ऑप्शन देने लगे हैं - जैसे - पोर्ट्रेट मोड, लैंडस्केप मोड, नाइट मोड आदि-आदि।  कैमरा निर्माताओं का कहना है कि उन्होने कैमरे के अंदर कम्प्यूटर फिट किया है व हज़ारों चित्रों का डाटाबेस भी भर रखा है।  जब आप कैमरा किसी की ओर तानते हैं तो आपका ये कम्प्यूटरीकृत कैमरा सामने दिखाई देने वाले सीन को अपने डाटाबेस में उपलब्ध चित्रों से मैच करता है तथा जिस पिक्चर से मैच हो जाये, उसकी सेटिंग्स प्रभावी कर देता है। वल्लाह ! क्या बात है!  In either of these two settings, camera takes care of shutter / aperture settings itself.  Camera is reported to have a computerised database consisting of thousands of ideal pictures taken in variety of situations.  When you aim your camera towards someone/something, the camera tries to match your scene with the existing photographs in the available database and selects the best settings for you!  Isn't it GREAT ! 

             अब मित्रों, ये आप खुद देखें कि आपके पास जो कैमरा है उस कैमरे में कौन कौन से मोड उपलब्ध हैं।  कैमरों में ऊपर की ओर एक गोल डायल होता है जिस पर M, S, A, P  or  M, Av, Tv, P अक्षर लिखे होते हैं।  एक हरे रंग का कैमरा भी बना रहता है जो ऑटो मोड का सूचक है।

             जब मैने फोटोग्राफी सीखी थी तो मेरे पास फिल्म वाला Asahi Pentax MX मैनुअल कैमरा हुआ करता था जिसमे सिर्फ मैनुअल मोड था। एपर्चर व शटर दोनो ही मुझे स्वयं तय करने होते थे।  एक्स्पोज़र मीटर मुझे सिर्फ गाइड करता था। लगभग दस वर्षों तक मैने उसी कैमरे से प्यार किया ।  जिस किसी के पास मैं शटर / एपर्चर प्रायोरिटी / ऑटो कैमरे देखता था तो ठंडी आहें भरता था ।  ज़ूम लेंस भी नहीं थी पर उस समय भी कुछ चित्र ऐसे खींचे गये जो मुझे बहुत प्रिय हैं व जिनको बहुत पसंद किया गया।   आज मेरे पास जो भी कैमरे हैं उन सब में चारों एक्सपोज़र मोड उपलब्ध हैं।  परन्तु ऑटो का लाभ मुझे सिर्फ वहां दिखाई देता है जहां त्वरित गति से फोटो खींचनी हों और बड़ी तेज़ी से प्रकाश कम ज्यादा हो रहा हो।  यदि आप बार-बार शटर-एपर्चर नहीं बदल सकते तो ऐसी परिस्थितियों में ऑटो मोड निश्चय ही सुविधा जनक है। 

             यदि आपके पास डिजिटल कैमरा है तो या तो उसमे सिर्फ ऑटो मोड होगा या फिर चारों मोड होंगे।  ऐसा कोई डिजिटल मॉडल मैने तो नहीं देखा है जिसमें ऑटो व मैनुअल मोड हों, परंतु शटर प्रायोरिटी व एपर्चर प्रायोरिटी मोड न हों।

             बाकी बात कल को होगी। तब तक के लिये अपने इस मित्र को विदा दें।  नमस्कारम् !

 आपका ही,

 सुशान्त सिंहल

4 टिप्‍पणियां:

  1. वल्लाह ! क्या बात है! doing great, write on!

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  2. ज्ञानवर्धक- आगे कल का इन्तजार करते हैं.

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  3. you are doing a good job by giving basic infirmation on photography. please tell some thing on vga camera as nowdays mobile phones are also used everywhere, be for hobby. thanks.

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