सोमवार, 9 फ़रवरी 2009

कौन सा कैमरा खरीदें ? Which camera to buy?


एक प्रश्न जो मुझसे बार-बार पूछा जाता है वह है - "कैमरा कौन सा लें? Which camera to buy? " कुछ साथियों ने मेरे ब्लॉग पर भी कैमरा न ले पाने का जिक्र किया है। इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले मेरे लिये कुछ बातों का जानना आवश्यक होता है -

१- फोटोग्राफी की तकनीक समझने में कितनी रुचि है? How much do you wish to learn about the photography technique? बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिनको न तो फोटोग्राफी तकनीक के बारे में कुछ पता है और न ही जानने की इच्छा / धैर्य है । उनको तो ’देखो और बटन दबाओ’ (aim and shoot simplicity) कैमरा ही चाहिये। दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे हैं जो जिज्ञासु प्रवृत्ति के हैं । ऐसे लोग मोटर साईकिल भी खरीदेंगे तो उसका मैनुअल जरूर पढ़ेंगे । "देखो और दबाओ" कैमरे दो प्रकार के हैं - एक तो वो जिनको फिक्स्ड फोकस (fixed focus or box camera) या बॉक्स कैमरा कहा जाता था। एक जमाना था कि आग्फा (Agfa) कंपनी के २००-३०० रुपये मूल्य के बॉक्स कैमरे (Agfa Klik III, Agfa Isoly) जन्म दिन पर उपहार स्वरूप पाकर हृदय गदगद्‌ हो जाता था । लोग उन सीधे साधे कैमरों से भी इतनी अच्छी फोटो खींच लेते थे कि अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता (International photography competitions) में सांत्वना पुरस्कार (consolation prizes) तो ले ही आते थे। इन कैमरों में शटर (shutter) दबाने के अलावा और कुछ कंट्रोल होता ही नहीं था। लेंस भी कांच की न होकर प्लास्टिक की थी। ये कैमरे श्वेत-श्याम युग (black and white photography) का प्रतिनिधित्व करते थे। आज इन कैमरों की महत्ता म्य़ुज़ियम में सजाने तक ही है। डिजिटल क्रांति आने के बाद तक भी जो फिल्म वाले फिक्स्ड फोकस बॉक्स कैमरे बहुत अच्छे (व सस्ते) माने जाते थे व मुझे सबसे अधिक प्रभावित करते थे - वह थे - कोडक कंपनी का ’क्रोमा’ कैमरा (Kodak Kroma) और याशिका कंपनी क ’एम एफ २ सुपर’ कैमरा (Yashika MF 2 Super camera) ! १५०० रुपये से २००० रुपये की कीमत में इनसे अच्छा कैमरा मेरी जानकारी में कोई नही है। इनकी लोकप्रियता कम होने का कारण सिर्फ़ ये है कि आज डिजिटल युग में कोई सा भी फिल्म कैमरा लोकप्रिय नहीं रह गया है। ये डिजिटल कैमरों के युग से पहले के बाशिंदे हैं ।

दूसरी ओर, "देखो और दबाओ" सुविधा हर प्रकार की नवीनतम तकनीक से सुसज्जित महंगे डिजिटल कैमरे भी प्रदान करते हैं । आप कैमरे को ऑटो मोड (Auto mode) पर डाल दें तो कैमरे के अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सर्किट (Electronic Circuit) हर अड्जस्ट्मैंट की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेता है और आपको "देखो और दबाओ" स्वतंत्रता (Aim and shoot simplicity) प्रदान कर देता है। हद ये है कि कुछ नवीनतम मॉडल के कैमरों में तो चेहरा पहचानने (Face detection technology) व मुस्कुराहट पहचानने (Smile Detection technology) की भी तमीज़ है । जब तक आप बत्तीसी नहीं दिखायेंगे, कैमरा फोटो ही नहीं खींचेगा! (नेता लोग ऐसे ही कैमरों से फोटो खिंचवाना पसंद करने लगे हैं ताकि सुबह अखवार में उनकी भुवन-मोहिनी मुस्कान पाठकों का स्वागत करे! कोई मुआ पत्रकार मंच पर सोते हुए नेताजी की फोटो अपने अखबार को न भेज दे! )। इस कैमरे को फोटोग्राफी में पारंगत किसी फोटो कलाकार के हाथ में दे दीजिये तो वह सारे कंट्रोल ऑटो (auto) के बजाय मैनुअल (manual) कर देगा और फिर कैमरे के कंट्रोल से ऐसे खेलेगा जैसे कोई पेंटर ब्रश और रंगों से खेलता है। निश्चय ही ये कैमरे लगभग १०,००० रुपये के आस पास मूल्यवर्ग से आरंभ होते हैं और इनका मूल्य कितना हो सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं है। लगभग सभी विख्यात कैमरा निर्माता कंपनियां ऐसे कैमरे लेकर बाज़ार में मौज़ूद हैं । सोनी ( Sony ), कॅनन ( Canon ), निकॉन ( Nikon ) , ओलिंपस ( Olympus ), मिनोल्टा ( Minolta ), पेंटैक्स ( Pentax )आदि-आदि कंपनियों के अनेकानेक मॉडल के कैमरे बाज़ार में उपलब्ध हैं। इनमे किसी भी कंपनी को दूसरी से कमतर या बेहतर बताना अत्यंत कठिन है। मामला व्यक्तिगत पसंद, नापसंद का आ जाता है । कोडक Kodak के बारे में जरूर कहूंगा कि उसके बनाये हुए Kodak Easy Share डिजिटल कैमरे मुझे प्रभावित करने में पूर्णतः असमर्थ रहे हैं । अतः यदि आप मेरी पसंद-नापसंद को कुछ अहमियत देना चाहते हैं तो डिजिटल कैमरों में कोडक छोड़ कर कोई सी भी कंपनी का कैमरा चुन लें।

कुछ लोग मेगा पिक्सल MP or Mega Pixels को लेकर भी बहुत सोच - विचार में रहते हैं। उनको लगता है कि जितने ज्यादा पिक्सल होंगे उतना ही कैमरा अच्छा होगा । पर जब मैने वर्ष २००१ में पहला डिजिटल कैमरा खरीदा था तो वह ३.१ मेगा पिक्सल का कैनन (Canon 3.1 megapixel camera) का कैमरा था । आज की तारीख में कोई ३.१ मेगा पिक्सल के कैमरे को मोबाइल फोन में ही पसंद करे तो करे, कैमरे में तो शायद ही कोई लेना चाहेगा । पर मैने अपने उस कैमरे से 30" x 40" आकार के प्रिंट सफलता पूर्वक बनाये हैं। ६ मेगा पिक्सल से अधिक का कैमरा आप तब ही खरीदें जब आपकी जेब में भरपूर हरियाली हो। छः मेगा पिक्सल का अच्छा कैमरा ( 6 megapixels camera) जितने बड़े चित्र दे देगा उस आकार के चित्र आप शायद ही चार पांच से अधिक पूरे जीवन में बनवायेंगे । अतः छः मेगा पिक्सल के बाद (और उससे पहले भी), पिक्सल पर कम और लैंस की क्वालिटी (lens quality) पर अधिक ध्यान दें।

(ये श्रंखला जारी है)

सुशान्त सिंहल

10 टिप्‍पणियां:

  1. मेरे पास तो सोनी का कैमरा है, face detection भी है,smile का पता नही, देखूंगा कभी चेक करके|

    धन्यवाद|

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  2. जानकारी के लिए शुक्रिया ! जो सिंगल लेंस वाले कैमरे फोटो ग्राफर रखते है उनके बारे में भी बताये |

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  3. ज्ञान वर्धक लेख. आगे लेंस के बारे में जानने के लिए इंतज़ार कर रहे हैं. आभार.

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  4. digital to nahi hai haan film aadharit camera hai- cosina (SLR). aapki class me to light aperture aur dusri technics par bhi to baat hogi na ?

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  5. बढ़िया, परिपूर्ण जानकारी. शौकिया फोटोग्राफी करने वालों को एसएलआर कैमरा लेना चाहिए या नहीं, और यदि हाँ, तो ऐसे किसी मितव्ययी कैमरे के बारे में बताएँ.

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  6. pardon me to write in english. i just want to know about SLR digital camera. though i have a ordinary camera but i have read some books on photography. i want to have the control of focus, aparture and shutter speed. so please tell some good economical digital SLR camera. one more thing please also explain technical aspect of optical zoom and digital zoom.

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  7. इस पोस्ट के बारे मे तो इतना ही कहूंगा , गजब है । बहुत ही काम की जानकारी दी है आपने । मै बहुत ज्यादा वेब पर विचरण करता हू । लेकिन इस विषय पर हिन्दी मे कही भी जानकारी नही है । इस जानकारी को आप दे रहे है यह बहुत ही पून्य का कार्य है । इसे जारी रखे ।

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  8. इस पोस्ट के बारे मे तो इतना ही कहूंगा , गजब है । बहुत ही काम की जानकारी दी है आपने । मै बहुत ज्यादा वेब पर विचरण करता हू । लेकिन इस विषय पर हिन्दी मे कही भी जानकारी नही है । इस जानकारी को आप दे रहे है यह बहुत ही पून्य का कार्य है । इसे जारी रखे ।

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